दिशा सालियन मामले में फॉरेंसिक जांच में खुली पोल! बलात्कार और हत्या के बाद फर्जी पोस्टमॉर्टम – आत्महत्या का ड्रामा रचा गया?

फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खड़े किए गंभीर सवाल!
मुंबई, 3 अप्रैल: दिशा सालियन की मौत को लेकर अब तक जो आत्महत्या की थ्योरी सामने लाई जा रही थी, उस पर देश के वरिष्ठ फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. भूपेश कुमार शर्मा ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके द्वारा प्रस्तुत की गई फॉरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दिशा की मौत 14वीं मंजिल से गिरने के कारण हुई, ऐसा दावा वैज्ञानिक आधार पर गलत प्रतीत होता है।
डॉ. शर्मा ने दिशा के शव की तस्वीरों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का तुलनात्मक विश्लेषण कर यह निष्कर्ष निकाला कि रिपोर्ट में बताए गए चोटों के निशान तस्वीरों में दिखाई ही नहीं देते।
चेहरे पर चोट नहीं, लेकिन दांत टूटा? सवालों के घेरे में रिपोर्ट
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दावा किया गया कि दिशा के चेहरे पर चोटें थीं और सामने के दांत टूटे हुए थे। लेकिन विशेषज्ञ के मुताबिक, शव की तस्वीरों में न तो चेहरे पर कोई चोट है, न ही सूजन, न खून के निशान। “इतनी ऊँचाई से गिरने पर शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आनी चाहिए थीं, लेकिन तस्वीरों में ऐसा कुछ भी नहीं दिखता,” डॉ. शर्मा ने कहा।
इसके अलावा, टूटा हुआ दांत यदि गिरने के प्रभाव से हुआ होता, तो होठों, मसूड़ों और चेहरे पर भी चोट के स्पष्ट निशान दिखाई देने चाहिए थे, जो इस मामले में नहीं दिखे।
नग्न अवस्था में मिला शव, बलात्कार और कवरअप की आशंका
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिशा का शव नग्न अवस्था में मिला, जो खुद में एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञ ने अपनी रिपोर्ट में यह आशंका जताई है कि दिशा के साथ यौन उत्पीड़न के बाद उसे गिराया गया हो, और बाद में आत्महत्या का रूप देने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया हो।
डॉ. शर्मा की सिफारिश: मामले की निष्पक्ष और गहराई से दोबारा जांच हो
रिपोर्ट के अंत में डॉ. शर्मा ने यह स्पष्ट रूप से कहा है कि “प्रथम दृष्टया, यह मामला आत्महत्या नहीं लगता। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तस्वीरों में जो अंतर है, वो बेहद गंभीर है और पुलिस तथा फॉरेंसिक विशेषज्ञों की निगरानी में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।”
दिशा के पिता का दावा: है हमारे पास हत्या और गैंगरेप के पुख्ता सबूत
दिशा सालियन के पिता, श्री सतीश सालियन पहले ही यह दावा कर चुके हैं कि उनके पास ऐसे ठोस सबूत हैं, जो साबित करते हैं कि दिशा के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की गई थी। और बाद में मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को गढ़ा गया।
उनकी इस शिकायत पर राज्य सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है और 28 मार्च 2025 को दाखिल शिकायत के आधार पर इस मामले की फिर से जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
अब पूरे देश की निगाहें इस जांच पर टिकी हैं
फॉरेंसिक रिपोर्ट से मिले इस नए मोड़ ने न सिर्फ पहले से मौजूद संदेहों को बल दिया है, बल्कि यह भी तय कर दिया है कि दिशा सालियन की मौत सिर्फ एक “मामूली आत्महत्या” नहीं थी। यह एक बड़ा अपराध हो सकता है, जिसमें सच्चाई को छुपाने की साजिश की गई थी। अब देखना यह है कि जांच एजेंसियां कितनी निष्पक्षता और गहराई से इस केस को दोबारा खंगालती हैं।